काठगोदाम
उत्तराखंड में रेल इतिहास पर नजर डाली जाए तो यहां नैरोगेज से प्रारंभ हुआ यह कारवां अब विद्युत से चलने वाले इंजनों की ओर अग्रसर है अब उन प्राचीन यादों को सहेजने के लिए उन पुराने रत्नों को यात्रियों एवं पर्यटको के अवलोकन के लिए रखा जा रहा है अब काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर इस दुर्लभ इंजन के दीदार अब लोग कर सकेंगे जो अब इज्जत नगर मंडल से चलकर दो भागों में पहुंचा नैरोगेज का यह इंजन लोगों को अपना इतिहास बताएगा जिसके लिए रेलवे ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।

इज्जत नगर मंडल से ट्रैक्टर एवं ट्रक पर लदकर पहुंचा यह कुमाऊं टाइगर अपने उस पुराने इतिहास को नई पीढ़ी को अवगत कराएगा जिन्होंने इस इंजन के बारे में सिर्फ सुन ही रखा था।
मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष पंत कहते हैं आज की नई पीढ़ी को रेल के इतिहास के बारे में जानना एवं समझना चाहिए इस इंजन को आम लोगों के अवलोकन हेतु रेलवे स्टेशन परिसर के पास स्थापित किया गया है जहां लाइटिंग की विद्युत व्यवस्था की जाएगी यह इंजन कुमाऊ के प्रवेश द्वार काठगोदाम के इतिहास के बारे में भी यात्री एवं पर्यटकों को अवगत कराएगा काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर स्थापित कुमाऊं टाइगर से वहां पर स्टेशन पर और निखार आएगी ।।





