उत्तराखण्ड

मिशन हौसला-(भीमताल) जब अपने हुए लाचार, पुलिस के कंधे आए चार, दी मुखाग्नि तो फिर हुआ, महिला का अंतिम संस्कार।

कोरोना पॉजिटिव होने के कारण जब परिवार हुआ लाचार
पीड़ित परिवार की दुखद घड़ी में पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
भीमताल
वैश्विक महामारी के इस दौर में कब किसी इंसान को क्या दिन दिखला दे यह तो सिर्फ ऊपर वाला ही जानता है डीआईजी अशोक कुमार के मिशन हौसला ने आम नागरिकों को बहुत राहत दी है उसका नायव उदाहरण तब देखने को मिला जब खुटानी से एक महिला द्वारा थानाध्यक्ष भीमताल को सूचना दी गई कि उनकी सास उम्र 88 वर्ष का स्वास्थ्य खराब है तथा बिस्तर से उठ-बैठ भी नहीं सकती। सूचना पर थानाध्यक्ष भीमताल के आग्रह पर सीएससी भीमताल से डॉ0 तिवारी एवं उनकी टीम टेस्टिंग एवं उपचार हेतु मौके पर पहुंची तथा उनके घर पर ही अस्वस्थ महिला का कोविड-19 एंटीजन टेस्ट कराया गया तो रिपोर्ट नेगेटिव आई। डॉक्टर द्वारा लिखी दवाइयां पुलिस द्वारा मेडिकल स्टोर से लाकर उनके घर में भिजवायी गयी।

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परंतु भगवान को कुछ और ही मंजूर था बीते रोज महिला द्वारा भीमताल पुलिस को पुन: सूचना दी कि मेरी बीमार सास की मृत्यु हो गई है अंदर से बाहर निकालने एवं अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं आ रहा है क्योंकि मेरे पति और मेरी बेटी कोरोना पॉजिटिव है।
उक्त पीड़ित परिवार के साथ घटित दुखद घटना को देखते हुए क्षेत्राधिकारी भवाली भूपेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में थाना भीमताल पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर कोविड-19 गाइडलाइन का पूर्ण रुप से पालन करते हुए वृद्ध मृतका का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। तथा मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। पुलिस की इस दरियादिली पर आज हर कोई फक्र कर रहा है इस नेक काम करने वाली टीम में थानाध्यक्ष भीमताल रमेश सिंह बोहरा, कांस्टेबल भरत सिंह, सुमित , चंद्र सिंह, विक्रम सिंह आदि थे।

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