उत्तराखण्ड

ब्रेकिंग-:हरिद्वार की सबसे बड़ी डकैती का खुलासा, उत्तर प्रदेश के थे डकैत,तीन गिरफ्तार,मुख्य आरोपी अभी भी है फरार।

मोरातारा ज्वैलर्स शोरूम में हथियारों की नोक पर हुई करोड़ों की डकैती,

, 3 आरोपी पुलिस की गिरफ़्त में

हरिद्वार

पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुकी मोरातारा शोरूम डकैती का खुलासा करते हुए हरिद्वार एसएसपी सेंथिल अबुदाई कृष्ण राज एस ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले में फिलहाल 3 आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चूका है। इस घटना का मुख्य आरोपी सतीश है जिसने पूरा षड्यंत्र रच कर घटना को अंजाम दिया। अभी वह फ़रार है जिसे जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पकडे गए आरोपियों से 2 लाख ग्यारह हज़ार रूपये व चांदी की मूर्तियां बरामद की गयी है।

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पकड़े गये आरोपियों में सचिन उर्फ़ गुड्डू पुत्र संजय निवासी ग्राम कल्लरहेड़ी थाना गंगोह उत्तर-प्रदेश उम्र 20 वर्ष, हिमाँशु त्यागी पुत्र मामचंद त्यागी इनायतपुर थाना स्याना ज़िला बुलंदशहर उत्तर-प्रदेश, हँसराज सैनी उर्फ़ टिंकू सैनी ग्राम राजपुर छज्जरपुर गढ़ी थाना बुढ़ाना ज़िला मुज़फ़्फ़रनगर उम्र 22 वर्ष। एसएसपी ने बताया कि सतीश ने ही वारदात की साजिश रची थी। उपरोक्त आरोपी अलग अलग जगहों से एक स्थान पर इकठ्ठे हुए और वारदात को अंजाम देने के बाद पुनः उसी स्थान पर इकठ्ठा हुए। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इन अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में आठ अपराधी शामिल थे, जिनमें पुलिस को लाइनर समेत 5 लुटेरों की तलाश है। पकड़े गए अपराधी इस से पहले भी लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

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डाके के पहले रुड़की के के ज़िला पंचायत गेस्ट हॉउस में रुके थे डकैत
पुलिस के मुताबिक, 7 जुलाई को शोरूम में डाका डालने से पहले अपराधी रुड़की के पास ज़िला गेस्ट हॉउस में रुके थे जहाँ उन्होंने पूरी रात बितायी। यहां सभी ने हथियारों को अपने पास रखा और प्लानिंग करने लगे। कुछ समय बाद लगभग दोपहर तीन बजे लुटेरे शोरूम पहुंचे। इसी बीच लाइनर ने उन्हें भीतर आने का इशारा दिया। लाइनर से हरी झंडी मिलते ही अपराधी शोरूम में घुस गए। वारदात को अंजाम देने के बाद साजिश के तहत लुटेरे अलग-अलग रास्तों की ओर भागे थे, ताकि कोई उन तक पहुंच न सके।

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योजना सतीश ने बनाई और उसी ने अन्य अपराधियों को गिरोह में शामिल किया पुलिस का दावा है कि अगर अपराधी पकड़े नहीं जाते तो शहर और उसके आसपास के इलाकों में और भी घटनाएं हो सकती थीं।10 सदस्यीय टीम ने 44 घंटे तक चलाया ऑपरेशन लूटकांड के बाद 22 सदस्यीय पुलिस टीम ने 144 घंटों तक कड़ी मेहनत की।

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