चमोली: जिले के घाट में बादल फटने से भारी तबाही ,कई आवासीय मकान-दुकानें क्षतिग्रस्त
चमोली।
उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में ऋषिकेश व उत्तरकाशी के बाद आज चमोली जिले में बादल फटने की घटना सामने आई है।

चमोली जिले में घाट बाजार के ठीक ऊपर बिनसर पहाड़ी के चिनाडोल नामक तोक में बादल फटने से भारी तबाही मची है। कई आवासीय मकान, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए हैं। पहाड़ी से भूस्खलन होने पर लोग पहले ही अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। एक व्यक्ति के अपने घर में फंसे होने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित निकाला।
उधर देहरादून में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चमोली जिले के घाट में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को फोन कर प्रभावितों तक तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित ईलाज और बेघर हुए लोगों के भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगो को हुऐ नुकसान का आंकलन करते हुए प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए।

मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तेज बारिश के दौरान बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर एक साथ बादल फटा, जिससे भारी मात्रा में मलबा लोगों के घरों से होते हुए मुख्य बाजार में पहुंचा। वहीं बैंड बाजार पूरी तरह मलबे से भर गया है। तमाम ग्रामीण सड़कें भी बाधित हो गई है।
वहीं, भारी बारिश के चलते बरसाती गदेरे भी उफान पर बह रहे हैं, जिससे चुफलागाड़ नदी का जल स्तर बढ़ गया है। तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर बादल फटने की घटना हुई है। एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम रेस्क्यू में लगी हुई है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। दुकानों और वाहनों को नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं, पर्वतीय इलाकों में आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में शुक्रवार तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने के आसार हैं।




