टिहरी गढ़वाल।
उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बाद वन विभाग भी इन संघर्षों से निजात दिलाने में लगा हुआ है लेकिन उसके बावजूद भी यह संघर्ष दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। अभी बीते रोज
देवप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत हिंडोलखाल मैं आतंक का पर्याय बना आदमखोर ने महिलाओं को जान निवाला बनाया था उसके बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर था आज गुलदार को शिकारी की गोली ने उसे शांत कर दिया सोमवार और आज सुबह 2 महिलाओं को निवाला बनाने वाले गुलदार को मार गिराए जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ठीक है।
टिहरी जिले की खासपट्टी छाम और दुरोगी गांव में बीते एक सप्ताह से आतंकी गुलदार आखिरकार ग्रामीणों की हिम्मत और वन विभाग की चौकसी के चलते ढेर हो गया जिसके बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली है। बहरहाल अभी गुलदार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि यह वही गुलदार है कि जिसने गांव के मवेशियों से लेकर इंसानों तक को निवाला बना दिया था,क्योंकि इस क्षेत्र के तलहटी में कई गुलदार होने की संभावनाएं हैं।
बता दे कि आज मंगलवार सुबह लगभग 9:00 बजे गुन्द्री देवी पत्नी मदनलाल ग्राम निवासी ग्राम दुरोगी हिंडोलखाल अपने गांव के समीप ही अन्य महिलाओं के साथ बकरी चरा रही थी कि इसी बीच घात लगाए बैठे गुलदार ने हमला कर दिया,
सूचना पर स्थानीय ग्रामीण एवं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
इससे पूर्व छाम सिरवा गांव में विगत सांय 45 वर्षीय शकुंतला देवी को आदमखोर गुलदार घर के आंगन से उठा ले गया था जिनका क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। इससे पूर्व मायके आई महिला पर भी गुलदार जानलेवा हमला कर चुका है। हालांकि वन विभाग द्वारा क्षेत्र में शिकारी तैनात करने के साथ ही ट्रैप कैमरे लगाए गये थे।
इधर लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में दहशत व्याप्त होने के साथ ही ग्रामीणों आक्रोशित थे। ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग करते आ रहे है।
घटना के बाद से वन विभाग की टीम क्षेत्र में तैनात थी। लगातार काबिंग करने बाद आज मंगलवार को शाम करीब साढ़े चार बजे गुलदार को ढेर कर दिया गया।
डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि गुलदार के शव को पीएम के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।




