दिल्ली सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड के साथ अहम समझौता किया है। इस समझौते के तहत अब दिल्ली शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी।
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत अब दिल्ली के छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। दिल्ली की शिक्षा-व्यवस्था में कई अहम बदलाव कर बेहतरी की दिशा में आगे बढ़ रही अरविंद केजरीवाल सरकार का यह एक अच्छा कदम है।
दरअसल, दिल्ली शिक्षा बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड के साथ अहम समझौता किया है। इस समझौते को लेकर सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए आज का दिन एतिहासिक है। अब दिल्ली के बच्चों की शिक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार ने कुछ महीने पहले ही अपना शिक्षा बोर्ड बनाया था, जैसे कि हर प्रदेश का अपना एजुकेशन बोर्ड होता है।
अब दिल्ली शिक्षा बोर्ड ने अतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड से समझौता किया है। इस समझौते के तहत दिल्ली शिक्षा बोर्ड से जुड़े सभी स्कूलों के बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा मिलेगी। सीएम केजरीवाल ने कहा कि यह एक बहुत बड़ी बात है। दिल्लीवासियों के लिए बेहद ख़ुशी की बात है कि अब हमारे बच्चों को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल पाएगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार आने से पहले दिल्ली में सरकारी स्कूलों की हालत कैसी थी, ये सबको पता है। जब से हमारी सरकार बनी है तब से इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। अभी देश में दो तरह की शिक्षा प्रणाली है। एक अमीरों के लिए और एक गरीबों के लिए। जो अमीर हैं और जिनके पास पैसे हैं वे अपने बच्चों को महंगे स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में जाते हैं और अच्छी गुणवत्ता की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। क्योंकि यह भी सभी को मालूम है कि सरकारी स्कूलों में किस तरह से पढ़ाई होती है।
उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों से बेहतर हुए हैं और अब अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड से करार के बाद पढ़ाई की गुणवत्ता में और भी अधिक निखार आएगा.. बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी।
केजरीवाल ने आगे कहा कि विदेशों से आए एक्सपर्ट दिल्ली के स्कूलों में विजिट करेंगे और उनकी कमियां खोजेंगे ताकि उसमें सुधार कर अंतर्राष्ट्रीय मापदंड के मुताबिक ढाला जा सके। इसके साथ ही ये एक्सपर्ट स्कूलों का वैरिफिकेशन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का कराएंगे।




