तराई पूर्वी वन प्रभाग में तीन खैर तस्करों के विरूद्ध न्यायालय ने जारी किया कुर्की आदेश वन विभाग ने की इतिहास में पहली बार घर की सम्पूर्ण सम्पत्ति जब्त।
हल्द्वानी
वन विभाग के इतिहास में आज यह पहला मौका देखने को मिला जब अवैध खैर लकड़ी की तस्करी में किसी आरोपी के घर के सामान की कुर्की हुई है वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में वन अपराधों में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

बताया जाता है कि तराई पूर्वी वन प्रभाग के अन्तर्गत गौला रेंज में माह दिसम्बर, 2020 में खैर के अवैध पातन में लिप्त मुख्य आरोपी क्रमशः जसपाल सिंह (उर्फ जस्सा) पुत्र मोहन सिंह, मोहन सिंह पुत्र परस राम एवं ममले पुत्र प्यारा सिंह, तीनों निवासी ग्राम रेहटा, थाना बाजपुर, जिला ऊधमसिंहनगर आरोपी चल रहे है, बताया जाता है कि माह दिसम्बर, 2020 में तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज में बन्नाखेड़ा स्थित उक्त आरोपियों समेत चार अभियुक्तों द्वारा रातों-रात खैर के 41 वृक्षों का अवैध पातन किया था। प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग द्वारा तत्काल उप प्रभागीय वनाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष दल गठित कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान भी चलाया था लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी।

उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने बताया कि गौला रेंज के गौला ब्लॉक में 41 खैर वृक्षों के अवैध पातन मे वांछित तीन अपराधियों जो अपराध करने के बाद फ़रार चल रहे थे विभाग द्वारा न्यायालय से इनके खिलाप क़ुर्की का आदेश प्राप्त कर इनके घर से समस्त सामान ज़ब्त कर रेंज कार्यालय में सुरक्षित रख दिया गया है श्री मर्तोलिया ने बताया कि इन तीनों के खिलाफ तीनो वन प्रभाग में 18 वन अपराध दर्ज हे ये तराई के कुख्यात खैर तस्कर हे इनका तार हरियाणा के खैर तस्करों से जुड़े है यह तीनो पकड़े जाने के डर से और इनके फ़रारी के चलते पिछले तीन महीने से कुमाऊँ के तराई वन प्रभागों में इस ग्रुप के द्वारा खैर की चोरी की एक भी घटना नहीं घटी है ।
श्री मर्तोलिया कहते हैं इन सब परिस्थितियों पर नजर रखते हुए वन विभाग के विशेष प्रयास से न्यायालय द्वारा अवैध पातन की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उक्त तीनों अभियुक्तों की बेल खारिज की है।
तथा न्यायालय द्वारा उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु वारण्ट जारी किया गया था, परन्तु आरोपी द्वारा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के दृष्टिगत उसके विरूद्ध कुर्की का आदेश जारी किया गया। न्यायालय के उक्त कुर्की आदेश के बाद आज गुरुवार 15 अप्रैल को तराई पूर्वी वन प्रभाग के एक विशेष दल द्वारा बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी के सहयोग से उक्त कुख्यात आरोपी के घर से समस्त वस्तुऐं अपनी अभिरक्षा में ले ली गयी। यह उल्लेखनीय है कि वन विभाग में प्रथम बार अवैध लकड़ी के तस्कर के विरूद्ध न्यायालय द्वारा कुर्की आदेश जारी किया गया है, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग संदीप कुमार ने बताया कि क्षेत्र में अवैध पातन की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु अधिकारियों,कर्मचारियों को मुस्तैंद रहने एवं नामजद तस्करों पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिए गए है, उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण की भांति अन्य अवैध पातन की घटनाओं को गंभीरता से लिया जायेगा एवं आरोपियों के विरूद्ध कड़ी नीति अपनाते हुए भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।




