पलिया कलां लखीमपुर खीरी:
विशेष संवाददाता
एसएसबी 3 बटालियन और दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने एक संयुक्त अभियान में दो स्थानीय युवकों के कब्जे से एक बाघ की खाल और शरीर के अन्य अंगों को जब्त किया है, जो शनिवार की रात लखीमपुर खीरी जिले के बेलपारावा सीमा चौकी के माध्यम से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। ।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे आरोपियों से पूछताछ कर रहे थे और बाघ के अवैध शिकार में उनसे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों की पहचान सोमदेव पासी (23) और विनोद पासी (22) के रूप में की गई, दोनों दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जंगलों से सटे तकिया पुरवा गांव के रहने वाले हैं।
अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने आरोपियों के कब्जे से 187-सेमी लंबाई, दस सामने नाखून और आठ पीछे नाखून की एक बाघ की खाल जब्त की। अधिकारियों ने बताया कि बाघ की खाल बरकरार थी, जिससे यह पता चला कि आरोपियों ने बाघ को जहर देकर या सूंघकर मारा होगा।
विशेष रूप से, पिछले साल एक बाघ की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य बाघ दो महीने पहले एक साँप से बचने में कामयाब होने के बाद घायल हो गया था।
उप निदेशक डीटीआर (कोर) मनोज सोनकर कहते हैं, “हम Mstripes सॉफ्टवेयर का उपयोग करके अपने डेटाबेस के साथ धारियों का मिलान करके बाघ की पहचान करेंगे। विभाग की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही हैं और उस क्षेत्र के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं जहां बाघ का शिकार किया गया था और अपराध में शामिल अन्य लोग थे।
उल्लेखनीय है कि करीब 2 माह पूर्व दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर वन्यजीव अभ्यारय में एक बाघ जिसके गले में रस्सी बंधी थी, वहीं लगे किसी सीसीबी कैमरे में कैद हुआ था। इस पर शंका जाहिर की जा रही थी, कि वह किन्हीं शिकारियों की चपेट में आने से बचकर भाग निकला है। इसके बाद पार्क कर्मचारियों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन आज तक उसका कुछ पता नहीं चला ।जबकि उससे पहले जो किशनपुर सेंचुरी क्षेत्र में एक बाघ मृत मिला था ।उसके भी गले में रस्सी बंधी थी। तब सेंचुरी के वन कर्मियों ने उसे इतनी गंभीरता से नहीं लिया था, जबकि क्षेत्र के वन्य जंतु प्रेमी लगातार वन्यजीवों की सुरक्षा और कड़ी करने की बात कर रहे थे ।इस बार बाघ की खाल पकड़े जाने के बाद इस बात की पुष्टि हो जाती है कि क्षेत्र में शिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं। एक बात यह भी उल्लेखनीय है कि अभी 3 दिन पूर्व उत्तराखंड के चंपावत जिले में संपूर्णनगर क्षेत्र के ग्राम बसही का एक अभियुक्त तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया, वह खाल कहां से लाया और कहां की थी, इस पर भी गौर करने की जरूरत है। कुल मिलाकर दुधवा के दुर्लभ वन्य जंतुओं की सुरक्षा और बढ़ाए जाने की अति आवश्यकता है। यदि ऐसा न किया गया तो दुधवा का हाल बुरा हो जाएगा और यहां आने वाले पर्यटक दुर्लभ वन्य जंतुओं को देखने को तरस जाएंगे।




