हल्द्वानी
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंज में आपसी संघर्ष के दौरान घायल हुई बाघिन की रानी बाग स्थित रेस्क्यू सेंटर पर ले जाते समय मौत हो गई इस घटना से वन विभाग एवं वन्य जीव प्रेमियो में शोक व्याप्त है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी केंद्रीय तराई ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने बताया कि बीती रात्रि वन विभाग की गश्ती टीम को पीपलपडाव रेंज के जंगल में गस्त के दौरान एक बीमार सी दिख रही बाघिन दिखाई दी जो चलने के बाद बैठ जा रही थी वन कर्मियों ने इस घटना की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी तथा बाघिन को वॉच करने लगे इस बीच आज सुबह तड़के बाघिन जंगल में ओझल हो गई।
श्री मर्तोलिया ने बताया कि बाघिन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसको खोजने का अभियान चलाया गया जिस पर आज उसे दिन में करीब 4:00 बजे जिम कार्बेट नेशनल पार्क से पहुंचे डॉक्टर विशन एवं चिड़ियाघर के डॉक्टर हिमांशु ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइजर किया तथा उसको रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर में ले जाया गया लेकिन उससे पहले ही बाघिन ने दम तोड़ दिया।
श्री मार्तोलिया के अनुसार मृत बाघिन की उम्र करीब 5 साल आंकी गई है उसके शरीर में जगह-जगह गंभीर खरोच के निशान तथा सिर पर गहरा घाव पाया गया जिस पर कीड़े पड़े हुए थे संभावना व्यक्त की जा रही है कि ब्रीडिंग के समय हुए आपसी संघर्ष में उक्त बाघिन घायल हो गई होगी वन विभाग जंगल में आपसी संघर्ष मे दूसरे घायल बाघ की भी तलाश में जुटी हुई है ।




