क्राइम

खबर जंगल से-: यहां हुई नवजात गैंडे की मौत,वन्य जीव प्रेमी है आहत ।।

लखीमपुर (खीरी)
दुधवा टाइगर रिजर्व में नवजात घायल गैंडे की उपचार के दौरान मौत हो गई इस घटना से वन विभाग मे हड़कंप मच गया
राज्य के सबसे बड़े वन्य जीव अभ्यारण से दुखद खबर आ रही है यहां दुधवा टाइगर रिजर्व में नवजात गैंडा दूसरे वन्यजीव के संघर्ष में घायल हो गया जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई इस घटना से वन्यजीव प्रेमी आहत हैं।
देखा जाये तो दुधवा के जंगलों में आए दिन वन्यजीवों की मौते हो रही हैं। बीते दिनों ही एक नर गैंडे के शव और बाघ का शव मिलने से जहां वन विभाग पर सवालिया निशान लग रहे थे वही अब गैंडे की इस मौत से वन विभाग सकते में है ।
ताजा घटनाक्रम के अनुसार दुधवा के घने जंगलों में एक नवजात गैंडा संदिग्ध अवस्था में घायल मिला जिसका मौके पर पहुंचे चिकित्सकों ने इलाज किया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई ,
सुचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन अधिकारी ने गैंडे के शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल करने में जुट गए। माना जा रहा है कि नवजात गैंडे की मौत बाघ द्वारा हमला करने से हुई है। क्योंकि गेंडे के शव पर काफी घाव के निशान हैं।

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बताया जाता है कि घायल अवस्था में यहां नवजात गैंडा गश्त के दौरान दुधवा टाइगर रिजर्व के सोनारीपुर रेंज के ककरहा बीट कच्छ संख्या 6 में मिला है। जिसकी जानकारी मिलने पर मुख्य वन संरक्षक मनोज सोनकर, उप प्रभागीय वन अधिकारी बेलरायां व क्षेत्रीय वन अधिकारी दक्षिण सोनारी पुर टाइगर रिजर्व एंव वन्यजीव प्रतिपालक दुधवा और पशुचिक्तसकों का पैनल जिसमें उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर जेबी सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ बाबूराम निगम पशु चिकित्सा अधिकारी सूड़ा खीरी,डॉक्टर दयाशंकर द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया जिसमें नवजात गेंडे के शरीर पर छोटे-बड़े करीब 17 घाव पाए गए हैं, चिकित्सीय पैनल ने उपचार किया लेकिन उपचार के दौरान ही गैंडे की मृत्यु हो गई । चिकित्सकों द्वारा प्रथम दृष्टया उक्त गेंडे की मृत्यु किसी हिंसक वन्यजीव से हो सकती है। तथा वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में उसको सुपुर्द ए खाक कर दिया गया ।

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