उत्तराखण्ड

खबर खास-:राष्ट्रीय मुद्दा बनाने पर तुला है पलिया बस यूनियन, हो रही है देश की छवि धूमिल,नृपबड मेयर धनगढी(कैलाली) महा नगर पालिका नेपाल करेंगे पलिया बस यूनियन के खिलाफ धरना एवं प्रदर्शन।

डीएम के आदेश वेअसर, बस यूनियन की चलती है हुकूमत

“बस यूनियन द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न नेपाली नही करेगा बर्दाश्त, अगर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो नेपाली मजदूर संघ, उद्योग वाणिज्य संघ ,बस यूनियन व्यवसाय संघ सहित कई राजनैतिक व सामाजिक संगठन गौरीफंटा बॉर्डर पर चक्का जाम करेंगे, नृपबड मेयर धनगढी(कैलाली) महा नगर पालिका नेपाल”।

विश्व कांत त्रिपाठी

पलिया कलां लखीमपुर खीरी।
भारत के विभिन्न प्रदेशों तथा महानगरों के होटलों-कल कारखानों आदि में मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले नेपाली प्रबासी मजदूरों के उत्पीड़न का सिलसिला पलिया बस यूनियन द्वारा जारी है जिसको लेकर धनगढ़ी कैलाली (नेपाल)उद्योग बाणिज्य संघ सहित कई संगठनों ने भारत सरकार व नेपाल सरकार तथा दोनों देश के दूतावास को लिखित पत्र भेज शिकायत की थी जिसके फलस्वरूप गत दिवस जनहित में पलिया एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी ने यूनियन के पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुये अन्य राज्यों से आने वाली बसों से सवारियों को पलटी न कराया जाय, किन्तु यूनियन के मालिकान व पदाधिकारी तहसील व पुलिस प्रशासन के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा अन्य क्षेत्रो से आने वाली बसो की सवारियां40-50 किलोमीटर पहले उतार कर जबरिया अपनी बसोंं मे बैठाल कर वार्डर पर लेजाकर मनमाना पैसा बसूलते हुये नेपालियों की जेब पर डाका डाल रहे है।
उल्लेखनीय है कि भारत के बिभिन राज्यों के महानगरों में काम करने वाले नेपाली प्रवासी मजदूर कोरोना के प्रचंड रूप से भयभीत होकर इन दिनों अपने वतन(नेपाल)वापसी कर रहे हैं जोकि संगठित ग्रुप बनाकर विभिन्न राज्यों से नेपाल बॉर्डर तक सुरक्षित पहुँचने तक के लिये बस का पूरा किराया अदा कर बुक कराते हैं किंतु बॉर्डर से 40 किमी पहले पलिया बस यूनियन के दबंग लोग संगठित होकर जबरन डरा धमकाकर नेपाली यात्रियो को बस से उतरने पर मजबूर कर देते हैं इसी क्रम में यूनियन के सहायक रिक्शा चालक फैक्ट्री से बस अड्डे तक घरेलू सामान एवं यात्रियो को पहुँचाने के नाम पर हजारों रुपये अवैध बसूली भी करते हैं, इसके उपरांत नेपाली यात्रियो को यूनियन की बसों में भेड़ बकरियों की तरह ठूस दिया जाता है और दुधवा जंगल में प्रवेश होते ही परिचालक उक्त यात्रियो से सरकारी बसों की अपेक्षा 12 रुपये एक्सट्रा 50 की दर से किराया तथा घरेलू सामान के प्रति आइटम 200 रुपये जबरन वसूली करते हैं बिरोध करने पर बीच जंगल में उतार देने की धमकी देने के साथ मारपीट भी करते हैं।
इसके साथ ही गौरी फंटा बस यूनियन के मैनेजरों द्वारा टेक्सी स्टैंड के नाम पर 100 रुपये प्राइवेट वाहनों से बसूली करते हैं एवं टेक्सी चालको से यात्री वेचने के नाम पर मोटी रकम वसूलता है
इस बावत धनगढी(कैलाली) महा नगर पालिका के मेयर नृपवड ने कहा नेपाली श्रमिक संगठन, नेपाल मजदूर संघ, उद्योग बाणिज्य संग ,बस यूनियन व्यवसाय संघ सहित कई राजनैतिक व सामाजिक संगठन पलिपा बस युनियन के विरुद्घ बॉर्डर पर चक्का जाम कर पलिया बस यूनियन द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न के विरुद्ध आन्दोलन करने की धमकी देते हुये जिलाधिकारी खीरी सहित भारतीय दूतावास व उच्चाधिकारियों को शिकायत की है।

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