नैनीताल
राज्य में बढ़ते नशे के प्रचलन से चिंतित उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भी आगे आया है नशे की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर वचुर्वली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नशे के खिलाफ बृहद अभियान चलाने पर चर्चा की इस जागरूकता कार्यक्रम में इमरान मौ0 खान, सिविल जज (सी0डि0)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा बताया गया कि लत किसी भी चीज की बुरी होती है, खासकर नशीले पदार्थों की जिसके बहुत अधिक दुष्परिणाम हैं। नशे के कारण अपराधों में बढ़ोत्तरी होती है, नशा परिवारिक जीवन एवं स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। नशा हमारे समाज के युवा वर्ग को खोखला कर रहा है।
श्री खान ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं द्वारा चरस एवं स्मैक का उपयोग करने में बढ़ोत्तरी हुई है जो कि चिन्ता का विषय है। नशे की रोकथाम के लिए सन् 1985 में एन.डी.पी.एस. एक्ट लागू किया गया था जिसके अन्तर्गत प्रतिबन्धित ड्रग्स का उत्पादन करने, बनाने, रखने, बेचने, खरीदने, दूसरी जगह भेजने, एक राज्य से दूसरे राज्य में आयात या निर्यात करने और इस्तेमाल करने पर सजा का प्रावधान है। माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा संकल्प नशा मुक्त देवभूमि अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्परिणामों के बारे में आम जन मानस को जागरूक करना है।




