रुद्रपुर ।
कुकर्म के बाद मासूम की हत्या मामले में दोषी युवक को फांसी की सजा उत्तराखंड का पहला मामला बनेगा नजीर
कुकर्म के बाद मासूम की हत्या कर शव को पानी की टंकी में छुपाने के मामले में रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप निवासी दोषी युवक को फांसी की सजा सुनाई गई है। वही शव को छुपाने के मामले में उसके पिता को 4 साल और मां को 3 साल की सजा के साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है उत्तराखंड राज्य में इस तरह का पहला मामला सामने आया है जो अब अन्य मामलों में नजीर बन कर सामने आएगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता-पॉक्सो विकास गुप्ता ने कहते कि 19 फरवरी 2019 को ट्रांजिट कैंप निवासी पांच साल का बच्चा लापता हो गया था। इस मामले में बच्चे के परिजनों ने ट्रांजिट कैंप पुलिस को पड़ोसी परिवार पर पुत्र को गायब करने का आरोप लगाया। कहा कि पड़ोसी पप्पू का पुत्र हर्षस्वरूप उनके छत में लगी टंकी का ढक्कन खोल रहा था। पुलिस ने हर्षस्वरूप को गिरफ्तार कर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर लापता मासूम बच्चे की लाश बरामद कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम बच्चे के साथ कुकर्म के बाद गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने हर्षस्वरूप के साथ ही उसके पिता पप्पू और मां रूपवती को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने 11 गवाह पेश कर आरोपितों पर जुर्म सिद्ध कर दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने आरोपित हर्षस्वरूप पुत्र पप्पू को इस मामले में फांसी की सजा सुनाई।
साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत सात साल की सजा और पांच हजार का जुर्माना, धारा 201 के तहत छह साल की सजा तथा पांच हजार का जुर्माना तथा 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं साक्ष्य छिपाने के अपराध में उसके पिता पप्पू को चार साल की सजा और पांच हजार का जुर्माना तथा मां रूपवती को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।




