कोटद्वार
औलाद के लिए लोग मंदिर,मस्जिद गुरुद्वारा यहां तक गिरजा घरों में अपनी झोली भरने के लिए माथा टेक कर भगवान से भीख मांगते हैं लेकिन यहां समाज में ऐसे भी हैं जिन्हें औलाद की खुशियां मिलने के बाद भी कठोर मां ने अपने शिशु को झाड़ी में ले जाकर पैदा होने के बाद फेंक दिया यह तो उत्तराखंड की पुलिस जो देवदूत बनकर उसे शिशु तक पहुंची और उन्होंने सुरक्षित शिशु को अस्पताल पहुंचाया । कोटद्वार में हुए इस हैरान कर देने बाली घटना से लोग अभागिन मां को पानी पी पी कर कोस रहे हैं।
घटनाक्रम के अनुसार कोटद्वार में एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया। बेस चिकित्सालय कोटद्वार की सूचना पर मौके पर देवदूत बनकर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने बच्चे को उपचार के लिए बेस चिकित्सालय में भर्ती करा दिया है। जहां बच्चे की हालत अब सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट कहते हैं कि आज भाबर क्षेत्र निवासी एक नवविवाहिता ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद झाड़ियों में फेक दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कोटद्वार कोतवाली से महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट और उप निरीक्षक अनित कुमार मौके पर पहुंचे जहां झाड़ियों में ढूंढने के बाद नवजात शिशु पुलिस को मिल गया इस दौरान शिशु की सांसे चल रही थी पुलिस ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए उसे चादर में लपेट कर बेस्ट चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती करा दिया।
उधर कोटद्वार पुलिस जब महिला से पूछताछ की तो उसने बताया कि आज सुबह 4:00 बजे उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया था। जिसके बाद महिला ने नवजात शिशु के बारे में अपने सास-ससुर को ना बता कर घर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया था। महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट ने बताया कि महिला के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया




