Connect with us
Advertisement

उत्तरकाशी

बड़ी खबर-:श्री बदरीनाथ धाम के क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण महाराज जी के सीमांत ग्राम माणा स्थित मंदिर के खुले कपाट ।

Ad

श्री बदरीनाथ धाम के
क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण महाराज जी के सीमांत ग्राम माणा स्थित मंदिर के कपाट खुले।
• कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को भब्य रूप से सजाया गया

• कोरोना महामारी के कारण सादगीपूर्ण ढ़ग से खुले कपाट।
सबके कल्याण एवं आरोग्यता की कामना की गयी।
• श्री घंटाकर्ण महाराज जी गांव से दूर स्थित गुफा मंदिर में एकांतवास के बाद माणा गांव लौटे।

• परंपरानुसार श्री घंटाघकर्ण जी महाराज श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दौरान माणा गांव स्थित मंदिर से जनकल्याण हेतु तपस्यारत रहते हैं तथा एकांतवास में चले जाते है। उनकी मूर्ति माणा स्थित मंदिर से पश्वा अज्ञात स्थान में रख देते है।
• कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया।

माणा/ श्री बदरीनाथ धाम : 15 जून। श्री बदरीनाथ धाम के क्षेत्रपाल एवं प्रधान रक्षक श्री घंटाकर्ण जी महाराज के सीमांत ग्राम माणा स्थित मंदिर के कपाट विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात आज 15 जून मंगलवार ज्येष्ठ माह संक्रांति को खुल गये हैं। इस अवसर पर मंदिर को भब्यरूप से सजाया गया था।
हर वर्ष श्री घंटाकर्ण महाराज जी के कपाट ज्येष्ठ संक्रांति के दिन खुलते है इसी दिन से माणा ग्राम में “ज्येष्ठ पुजै” नाम से तीन दिवसीय उत्सव शुरू हो जाता है।
उल्लासपूर्वक मनाये जाने वाले इस पर्व पर देश -विदेश से भी श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। विगत वर्ष से कोरोना महामारी के कारण सादे समारोह में भगवान घंटाकर्ण महाराज जी के कपाट खुल रहे है। इस बार भी सादगीपूर्वक श्री घंटाकर्ण महाराज जी के मंदिर के कपाट खुल गये हैं। कपाट खुलने के अवसर पर सभी के कल्याण एवं आरोग्यता की कामना की गयी। कोरोना महामारी से सभी लोग सुरक्षित रहे यह प्रार्थना की गयी।
आज प्रात: श्री घंटाकर्ण जी के पश्वा आशीष कनखोली विधि-विधान पर्वक श्री घंटाकर्ण महाराज जी की मूर्ति को एकांत वास के गुफास्थल से माणा गांव के मंदिर तक लाये तथा पूजा-अर्चना पश्चात मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया गया। अब छ: माह श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले रहने तक श्री घंटाकर्ण जी महाराज की पूजा-अर्चना माणा गांव के लोग करेंगे। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के आसपास माणा गांव स्थित श्री घंटाघकर्ण मंदिर के कपाट भी बंद हो जाते है तथा श्री घंटाकर्ण महाराज की मूर्ति को पश्वा द्वारा अज्ञात गुफा स्थित मंदिर में विराजमान कर दिया जाता है। जिस स्थल पर मूर्ति रखी गयी है उसका पता केवल पश्वा को ही रहता है। इस तरह श्री घंटाकर्ण महाराज छ: माह अज्ञात में जनकल्याण हेतु तपस्यारत हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बिग ब्रेकिंग-:उत्तराखंड में हेली सेवा से यात्री ले रहे हैं लाभ, इस किराए में कर सकते हैं यात्रा,यात्री ले रहे हैं घंटों की यात्रा का मिनटों में लाभ ।

इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण यात्रा शुरू न होने से सादगी से श्री घंटाकर्ण मंदिर के कपाट खुले, सीमित संख्या में श्री घंटाकर्ण मंदिर के पुजारी गण, माणा ग्राम के संभ्रातजन ही मौजूद रहे।
कपाट खुलने के अवसर पर माणा ग्रामपंचायत प्रधान पीतांबर मोल्फा, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, राजेंद्र कनखोली, मानसिंह मोल्फा पंकज बड़वाल, श्रीमती माहेश्वरी परमार, आनंदी परमार, लक्ष्मी बड़वाल, किशोर सिंह बड़वाल, एसडीओ नारायण चौहान, हयात सिंह परमार, पूरन परमार सहित सेना एवं आईटीबीपी के प्रतिनिधि तथा देवस्थानम बोर्ड के कर्मचारी गण, तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।
इस दौरान कोरोना बचाव मानको का पालन किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  (दु:खद)सौतेला पिता ने 8 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म का किया प्रयास, रिश्ते हुए शर्मसार,मामला दर्ज,यहां का है मामला ।

Ad
Ad
Continue Reading

पोर्टल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व महत्वपूर्ण समाचारों से आमजन को रूबरू कराना है। अपने विचार या ख़बरों को प्रसारित करने हेतु हमसे संपर्क करें। Email: [email protected] | Phone: +91 94120 37391

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तरकाशी

Trending News

Like Our Facebook Page

Advertisement

Ad