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उत्तराखण्ड

बड़ी खबर-:(उत्तराखंड) सामुदायिक रेडियो केन्द्र खोलना चाहते हैं तो इस तरह से करें आवेदन, मिलेगा अनुदान, इस तारीख तक जमा कर सकते हैं आवेदन।।

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सामुदायिक रेडियो केन्द्र खोलना चाहते हैं, तो प्रस्ताव प्रस्तुत करें-इवा।

टिहरी

राज्य की भूगर्भीय संरचना तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होने के दृष्टिगत मानसून अवधि एवं प्राकृतिक आपदा के दौरान आपदा प्रबन्धन, न्यूनीकरण प्रतिवादन, संचार, खोज बचाव, सुरक्षित निर्माण एवं जन जागरूकता आदि सूचनाओं/जानकारियों का दूर दराज के क्षेत्रों में स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सामुदायिक रेडियों स्टेशनों हेतु प्रोत्साहन नीति जारी की गई है।

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जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल ईवा आशीष श्रीवास्तव ने जनपद टिहरी गढ़वाल में सामुदायिक रेडियो केन्द्र प्रारम्भ करने हेतु इच्छुक गैर सरकारी संगठनों एवं अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक संघठन 08 जून 2021 तक अपने प्रस्ताव सम्बन्धित उप जिलाधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। तत्पश्चात संकलित समस्त प्रस्ताव निर्णयार्थ व आवश्यक कार्यवाही हेतु राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को प्रेषित किये जायेंगे।

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जिलाधिकारी ने बताया कि नये सामुदायिक रेडियो केन्द्र की स्थापना के लिए आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा सम्बन्धित संस्थानों/सामुदायिक संस्थानों को परियोजना लागत अथवा रुपये 10 लाख जो भी कम हो, का अनुदान अनुमन्य होगा। अनुदान प्राप्त करने के लिए सम्बन्धित संस्था को वांछित अभिलेखों के साथ उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। इस सहायता/अनुदान का उद्देश्य है कि सामुदायिक रेडियो केन्द्र की सेवाओं से सुदूरवर्ती क्षेत्र आच्छादित हों। ऐसे क्षेत्र के प्रस्तावों को वरीयता दी जाएगी, जो आपदा की दृष्टि से अधिक संवेदनशील हों और जहां पहले से ऐसे रेडियों केंद्र संचालित न हों। सामुदायिक रेडियो केंद्र आपदा से प्रभावित होने के उपरान्त यथाशीघ्र पुनः प्रभावी रूप से सेवाएं दे सकें, इस हेतु समस्त संसाधनों का अनिवार्य रूप से आपदा बीमा करवाना होगा। केन्द्र की स्थापना भूमि भू वैज्ञानिक रूप से उचित होनी चाहिए व भवन निर्माण में भूकम्प सुरक्षित निर्माण तकनीक का उपयोग होना चाहिए। राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को अपने स्टेशनों से प्रसारित किये जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय भाषा गढ़वाली को वरीयता दी जाएगी। ऐसे केन्द्रों द्वारा आपदा प्रबन्धन विभाग एवं अन्य सम्बन्धितों से सामंजस्य स्थापित करते हुए वांछित व आवश्यक जानकारियों के साथ-साथ मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमान/चेतावनियों का अनिवार्यतः प्रसारण करना होगा।

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जिलाधिकारी ने बताया कि आवेदन करने के इच्छुक संगठन अपने प्रस्ताव को सम्बन्धित उप जिला अधिकारी कार्यालय में जमा करें, ताकि प्राप्त प्रस्तावों को आवश्यक कार्यवाही हेतु राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को प्रेषित किये

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