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अल्मोड़ा

(उत्तराखंड चारधाम यात्रा) इस दिन से हो रही है शुरू, इस तरह से कर सकते हैं बाबा के दर्शन,SOP का करना होगा पालन,

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18 सितंबर से शुरू हो रही उत्तराखंड चारधाम यात्रा।

उत्तराखंड चारधाम यात्रा से उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा रोक हटाते ही देवस्थानम बोर्ड चारधाम यात्रा तैयारियों में जुटा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा जल्द शुरू होगी चारधाम यात्रा

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के संबंध में उच्चाधिकारियों की बैठक में निर्देश जारी किये।

देहरादून/नैनीताल/ श्री बदरीनाथ–:उच्च न्यायालय नैनीताल ने चारधाम यात्रा को लेकर हुई सुनवाई कर बड़ा फैसला लेते हुए लंबे समय से चार धाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है। अब 18 सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इस तरह उत्तराखंड के चार धामों श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में शीघ्र श्रद्धालु 18 सितंबर से दर्शन हेतु आ सकेंगे।

अपने संदेश में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च न्यायालय नैनीताल के चारधाम यात्रा से रोक हटाने के फैसले का स्वागत किया है।
पर्यटन- धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा हे रोक हटने पर प्रसन्नता जताई है।
कहा कि जल्द चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। मुख्य सचिव डा. एस. एस. संधू ने सचिवालय में देर शाम चारधाम यात्रा की तेयारियों के संबंध में उच्च अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए तथा 18 सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू किये जाने पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि न्यायालय के फैसले तथा सरकार के दिशा-निर्देश पर चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। जिसके लिए पर्यटन विभाग तैयारियां कर रहा है।
विधायक बदरीनाथ एवं उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सदस्य महेन्द्र भट्ट,एव देवस्थानम बोर्ड के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष डिमरी, श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा कृपाराम सेमवाल, जेपी उनियाल, गोविंद सिंह पंवार, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिवप्रसाद ममगाई ने चार धाम यात्रा शुरु करने हेतु आये न्यायालय के फैसले की प्रशंसा की है।
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने श्री केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800 श्रद्धालुओं, बद्रीनाथ धाम में 1200, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में कुल 400 श्रृद्धालुओं को जाने की अनुमति प्रदान की गयी है।

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चारधाम यात्रा हेतु प्रत्येख श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट ले जाना अनिवार्य होगा। विस्तृत दिशा-निर्देश न्यायालय देर शाम जारी किया।

उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में स्थित धामों होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवश्यक्तानुसार पुलिस बल तैनाती को भी प्रशासन को कहा गया है। धामों में‌ श्रद्धालु किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे तथा कोरोना प्रोटोकॉल एवं सामाजिक दूरी का पालन अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार की ओर से अतिशीघ्र चारधाम यात्रा के संबंध में निर्देश जारी होने की संभावना है। गढ़वाल आयुक्त एवं उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया देवस्थानम बोर्ड ने पहले ही यात्रा तैयारियां की हुई हैं चारों धामों में कोरोना बचाव मानकों का पालन करते हुए निरंतर पूजा अर्चना चल रही है। माननीय उच्च न्यायालय के फैसले के बाद देवस्थानम बोर्ड नये सिरे से यात्रा तैयारियों में जुट गया। उन्होंने बताया कि मानक प्रचालन विधि ( एसओपी ) के मुताबिक कोरोना बचाव मानकों एवं सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु चार धामों में दर्शन हेतु पहुंचेगे। पंजीकरण प्रक्रिया को जारी रखा जायेगा न्यायालय से प्राप्त निर्दशों के क्रम में श्रद्धालुओं को सभी निर्धारित मानकों का पालन करवाया जायेगा। देवस्थाधम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी कि देवस्थानों में आवास, खान-पान, चिकित्सा-स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता पर फोकस किया जा रहा है‌ जानकारी दी कि चारधाम यात्रा के संबंध में अपर मुख्य कार्यकारीअधिकारी बी. डी.सिह ने श्री बदरीनाथ धाम में मौजूद है तथा उनके द्वारा चारधाम यात्रा तैयारियों पर कर्मचारियों को निर्देश दिए गये।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर रोक हटाने को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल आवेदन पर आज बृहस्पतिवार सुनवाई हुई। कल बुधवार को सरकार की ओर से प्रार्थना पत्र दाखिल कर रोक हटाने का आग्रह किया गया था।
कोविड के मामलों में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधित जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जून में चारधाम यात्रा पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाई थी। इस आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की जिस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर तथा सीएससी चंद्रशेखर रावत ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ से यात्रा पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया तो सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी विचाराधीन होने का हवाला देते हुए कोर्ट ने विचार करने से मना कर दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) वापस ले ली। इसके बाद हाई कोर्ट को सरकार ने इस बारे में जानकारी दी तो कोर्ट ने 16 सितंबर की तिथि नियत की ओर उत्तराखंड चारधाम यात्रा से रोक हटा दी
और अब 18सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। चारोंधामों‌ के स्थानीय लोगों, श्रृद्धालुओं, तीर्थपुरोहित, ब्यापारीवर्ग ने चारधाम यात्रा शुरू होने पर खुशी ब्यक्त की है। और चारधाम यात्रा शुरू करने हेतु शुरू हुए आंदोलन समाप्त कर दिये

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